नवलगढ़ : जहाँ हवेलियाँ बोलती हैं और हर मोड़ पर यादें मिलती हैं
नवलगढ़ कोई ऐसी जगह नहीं है जहाँ बस देखा जाए।
यह वह कस्बा है जहाँ चलते-चलते रुकने का मन करता है, क्योंकि हर गली कुछ कहना चाहती है। यहाँ की हवा में शेखावाटी की मिट्टी की खुशबू है और दीवारों पर बनी चित्रकारी ऐसे देखती है, जैसे आपको पहचानती हो।
नवलगढ़ में कदम रखते ही ऐसा लगता है कि आप मेहमान नहीं, बल्कि किसी पुराने रिश्ते को निभाने आए हैं।