नवलगढ़ : जहाँ हवेलियाँ बोलती हैं और हर मोड़ पर यादें मिलती हैं

नवलगढ़ कोई ऐसी जगह नहीं है जहाँ बस देखा जाए।
यह वह कस्बा है जहाँ चलते-चलते रुकने का मन करता है, क्योंकि हर गली कुछ कहना चाहती है। यहाँ की हवा में शेखावाटी की मिट्टी की खुशबू है और दीवारों पर बनी चित्रकारी ऐसे देखती है, जैसे आपको पहचानती हो।

नवलगढ़ में कदम रखते ही ऐसा लगता है कि आप मेहमान नहीं, बल्कि किसी पुराने रिश्ते को निभाने आए हैं।

मंडावा: जहाँ हर गली अपनापन देती है और हर दीवार कहानी सुनाती है

मंडावा कोई साधारण पर्यटन स्थल नहीं है। यह वह जगह है जहाँ कदम रखते ही ऐसा लगता है जैसे कोई अपना आपको भीतर बुला रहा हो। ऊँची–नीची गलियाँ, रंग-बिरंगे दरवाज़े, दीवारों पर बनी पुरानी चित्रकारी और हवा में घुली सी एक अलग-सी शांति — मंडावा दिल से जुड़ जाता है।

यहाँ समय तेज़ नहीं भागता, बल्कि ठहर कर आपको अपने साथ चलने के लिए कहता है।